आज से ठीक एक सदी पहले जब हमारा देश गुलाम था उस साम्राज्य का जिसके बारे में कहा जाता था की वहां कभी सूरज नहीं डूबता,
फिर भी हमारे पूर्वज, देश के वीर पुरुष और महिलाएं लड़े इस उम्मीद में की उनकी आने वाली पीढ़ी यानी हम आजाद होकर रह सकें, उन्हें तो ये भी पता नहीं था की वो आजाद भारत में सांस भी ले पाएंगे या नहीं. उनके त्याग और बलिदान की वजह से हम आजाद हैं.
लेकिन क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ी के बारे में सोच रहे हैं, क्या हमारी आने वाली पीढ़ी उस देश पर गर्व कर पायेगी जो हम उन्हें सौपेंगे.
हमारे समय की कई उपलब्धिया तो होंगी लेकिन हमारी नाकामियों के आगे उनका कोई महत्त्व नहीं होगा.
हमारी लड़ाई किसी साम्राज्य या व्यक्ति से नहीं बल्कि उन बुराइयों से है जो हमारे ही अन्दर हैं.
जैसे भ्रष्टाचार, आतंकवाद,प्रकति का अत्यधिक और अनावश्यक दोहन,देश-समाज और मिटटी के प्रति जागरूकता का अभाव.हमारी और हमारे पूर्वजो की लड़ाई की तुलना नहीं की जा सकती लेकिन हमारी लड़ाई कुछ कठिन है क्योकि हमारे दुश्मन हम खुद ही हैं. हमारी पिछड़ी सोच, अन्याय को सहते रहने की आदत, योग्यता की बजाये पैसे और ताकत का अभिनन्दन हमारी कुछ कमजोरिया हैं.अब समय आ गया हम इन बुराइयों के खिलाफ एकजुट हों.कहते हैं हजार मील का सफ़र भी पहले कदम से शुरू होता है, तो आइये पहला कदम साथ में उठायें. सफ़र बहुत लम्बा है हम थकेंगे भी, गिरेंगे भी लेकिन सफलता इस बात से नहीं मापी जाती कि हम कितनी ऊंचाई तक जाते है बल्कि इस बात से तय होती है कि हम गिरकर कितनी बार उठते हैं.कही पड़ा था "जीतेंगे वही जिन्हें मंजिल से नहीं रास्तो से प्यार होगा"
अगर आपके पास भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों से लड़ने का कोई उपाय है तो उसे मेरे साथ बाँटिये. आप अपने शहर में इसके खिलाफ जो कर रहे हैं या करना चाहते हैं वह मुझे भी बताएं.मैं आपके बताये उपाय का इंतजार कर रहा हूँ.
हमें एक बेहतर देश और समाज बनाना ही पड़ेगा क्योकि आने वाली पीढ़ी को जवाब भी हमें ही देना है.
Monday, February 14, 2011
Friday, January 1, 2010
i m say
प्यार को कभी भी किया नहीं जा सकता। प्यार तो अपने आप हो जाता है। दिन और रात... धरती और आसमान, एक दूसरे के बिना सब अधूरे हैं। सन -सन करती हवाएं, सुन्दर नजारे, फूलों की खुशबू ... सभी में छिपा होता है प्यार... कुछ तो प्यार में हारकर भी जीत जाते हैं, तो कुछ जीतकर भी अपना प्यार हार जाते हैं। प्यार एक ऐसा नशा है जिसमें जो डूबता है वो ही पार होता है। प्यार पर किसी का वश नहीं होता.... अगर आप भी प्यार महसूस करना चाहते हैं तो डूबिये किसी के प्यार में ... दुनिया की सबसे बड़ी नेमत है ढाई आखर का प्यार... जब आप भी किसी को चाहने लगते हैं तो उसके दूर होने पर भी आपको नजदीक होने का अहसास होने लगता है, हर चेहरे में आप उसका चेहरा ढूंढने की असफल कोशिश करते हैं, कोई पल ऐसा न गुजरता होगा जब उसका नाम आपके होठों पर न रहता हो ... यही तो होता है प्यार... सुन्दर, सुखद, निश्छल और पवित्र अहसास। पूरी दुनिया के सुख इस प्रेम में समाए हुए हैं। यह शब्द छोटा होते हुए भी सभी शब्दों में बड़ा महसूस होता है। केवल इतना सा अहसास मात्र ही आपको तरंगित कर देगा कि मैं उससे प्यार करता हूं ...
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